#TIPS FOR PREPARATION OF I.A.S. MAINS#
UPSC IAS Mains 
मुख्‍य परीक्षा की तैयारी
यदि आपने प्रीलिम्‍स पास कर लिया है तो मुख्‍य परीक्षा के लिए न केवल पढाई की तकनीकी पर जरा ध्‍यान देना होगा बल्कि हर समय को ऐसे उपयोग करना होगा कि आपके ज्ञान का भंडार भरता जाए। शुरुआत कुछ ऐसे करें कि यदि आपने पिछली परीक्षा में कोई चूक कर दी थी तो इस परीक्षा में न हो। तीन चार समाचार पत्र के साथ साथ राजनीतिक पत्रिकाओं को बारीकी से पढ़ना मददगार साबित होता है। समाचार पत्र की विचारधारा होती है जिससे परिपेक्ष्‍य समझना और गणना करना आसान हो जाता है। यदि आपके साथ आपके साथी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आप हमेशा उनसे अलग और क्रिएटिव सोचिए साथ ही सूचना उनसे ज्‍यादा एकत्रित क‍रने की कोशिश कीजिए।
आपको यह भी ध्‍यान रखना है कि परीक्षा भले ही आप आईएएस को टार्गेट कर दे रहे हैं लेकिन आईपीएस, आईएफएस, आईआरएस और इससे जुड़े अन्‍य कैडर के अधिकारी बनने का रास्‍ता भी यहीं से होकर जाता है । तैयारी में जुटे विद्यार्थी अक्‍सर इंग्लिश और सामान्‍य हिंदी को ‘आता है’ कह कर गंभीरता से नहीं लेते और परीक्षा हॉल में पसीना छूटने लगता है। और समयाभाव के कारण अंतिम समय में अपनी रणनीति और भाग्‍य को कोसते हैं। यूपीएससी की परीक्षा में सभी विषयों का समान महत्‍व होता है। आप किसी भी विषय को छोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
निबंध के पेपर में आपको कई विषयों पर निबंध लिखने के लिए ऑप्‍शन दिए जाते हैं आपको आर्ट व कल्‍च्‍र जैसे सब्‍जेक्‍ट को चुनना है या राजनीति को चुनना है। ये यदि आप परीक्षा से पहले चुन लेते हैं तो आपको परीक्षा देने में तो आसानी होती ही है आप बेहतर तरीके से लिख पाते हैं। निबंध के लिए आपको तीन घंटे का समय दिया जाता है और ध्‍यान रखिए कि चार-पांच पेज और एक घंटे में लिखकर नहीं बैठना है। बेहतर हो कि आप निबंध में क्‍या-क्‍या प्‍वाइंट लिखना है उसका एक सिनोप्सिस बना लें और फिर सूझ बूझ के साथ व्‍यवस्थित और तर्कपूर्ण ढंग से लिखें।विशेषज्ञों की मानें तो समय-समय पर पिछले वर्षों में आए सवालों के पैटर्न पर खास नजर रखनी चाहिए और उसी के अनुरूप तैयारी करनी चाहिए। रटने के बजाए किसी भी चीज को संपूर्णता में समझने की कोशिश करनी चाहिए।
चूंकि मुख्‍य परीक्षा डिस्क्रिप्टिव होती है इसलिए इसमें लिखना बहुत होता है, जिसमें अनिवार्य और एक मुख्‍य विषय मिलाकर कुछ आठ विषयों की परीक्षा देनी होती है। सामान्‍य हिंदी (या कोई अन्‍य भारतीय भाषा) और सामान्‍य अंग्रेजी के अनिवार्य पेपर दोनों 300 अंकों के होते हैं और दोनों में क्‍वालीफाई करना जरूरी होता है। चूंकि यह आपके मेरिट अंक में जोड़े नहीं जाते हैं इसलिए इसे इगनोर भी नहीं करना है, पढ़ना है, बस इतना कि पास हो जाएं। अनिवार्य विषय के अंतर्गत निबंध का प्रश्‍नपत्र 200 अंक का और सामान्‍य अध्‍ययन के दो प्रश्‍नपत्र 300 300 अंक के होते हैं। आर्ट एंड कल्‍चर तथा अभ्‍यर्थी द्वारा चुने गए मुख्‍य विषय के दो प्रश्‍नपत्रों के 300 300 अंक ही होते हैं।
चूंकि इसमें लिखना बहुत होता है इसलिए लिखने की प्रैक्टिस भी करती रहनी चाहिए। अगर आपको सभी सवालों के जवाब अच्‍छे से आते थे लेकिन लिखने में आप फिसड्डी साबित हुए तो आप सफल नहीं हो पाएंगे।
आईएएस और आइपीएस अधिकारियों का कहना है कि इस परीक्षा में बेहतर और सटीक उत्‍तर लिखने पर ही अंक दिए जाते हैं। यह भी ध्‍यान रखना जरूरी है कि आपको जितने शब्‍दों में किसी भी सवाल का जवाब लिखने के लिए कहा गया है उतने में ही लिखें। ज्‍यादा ज्ञान न बघारें वर्ना अच्‍छा लिखने के बाद भी आपके नंबर काटे जा सकते हैं । एक बात और भी है कि आपके लिखे हर शब्‍द से आपकी विचारधारा, व्‍यक्तित्व का पता चलता है। ऐसे में किसी खास नीति, पक्ष की ओर दिखाया गया झुकाव आपके लिए घातक हो सकता है। इसलिए हमेशा लिखते समय संतुलित दृष्टि अपनाएं और हर शब्‍द की कीमत है उसे पहचानना जरूरी है।
http://www.brilliantacademyoflearning.com/iasipsstatecivilservicescsat.html

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