#सरकार की प्राथमिकता क्या हो ? - नर्मदेश्वर मिश्र के विचार#
उम्मीद है दोस्तों भारत चीनी कोरोना के साथ साथ चीनी सैनिकों को भी धूल चटाएगा। पर हमारे राजनीतिक नेतृत्व को गिरती हुई अर्थव्यवस्था और घटते हुए रोजगार के अवसर पर भी ध्यान देने की जरूरत है। मीडिया को भी रिया और कंगना के खबर के अलावा सरकार को गिरती हुई आर्थिक वृद्धि दर , और बेरोज़गारी के समस्या पर सचेत करना चाहिए। भावनात्मक मुद्दे से ज्यादा हमेशा आर्थिक मुद्दों पर मीडिया को ध्यान देना चाहिए किंतु एक दूसरे से आगे बढ़ने और TRP के चक्कर में सारी मीडिया मसालेदार , विवादास्पद , सनसनी फैलाने वाले खबरों पर बल देती हैं । इसका परिणाम होता है कि शिक्षा , आवास, चिकित्सा , किसान ,मजदूर , छात्र ,बेरोज़गारी , औद्योगिकरण , बुनियादी ढांचा का विकास , क्षेत्रीय असुंतलन , जैसे मुद्दे खत्म होते जा रहे हैं । चुनाव भी केवल जातीय समीकरणों , सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और भावनात्मक मुद्दों पर हो जाती है। भ्रष्टाचार , कीमत में वृद्धि , बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर बात तो की जाती है पर आरोप प्रत्यारोप का दौर चल पड़ता है , और नेतागण निकल पड़ते हैं यह साबित करने में की तू बेईमान , मैं ईमानदार। जमीनी स्तर पर आप किसी भी सर...